हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa in Hindi)

By Deepak Kumar

Published On:

Follow Us
Hanuman Chalisa in Hindi

हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa in Hindi with Meaning & Benefits)

हनुमान चालीसा पाठ का महत्व

हनुमान चालीसा एक अद्भुत स्तुति है जिसे महान कवि गोसाईं तुलसीदास ने 16वीं शताब्दी में लिखा था। इसमें 40 चौपाई और दो दोहे हैं, जिनमें भगवान हनुमान जी के गुण, बल, भक्ति और उनके अद्भुत पराक्रम का वर्णन है।
मान्यता है कि हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से भय दूर होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है, रोग-शोक मिटते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।


हनुमान चालीसा

दोहा

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥


चौपाई

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

राम दूत अतुलित बलधामा।
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी॥

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा॥

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै॥

शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जगवंदन॥

विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर॥

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा॥

भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचन्द्र के काज सँवारे॥

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्री रघुबीर हरषि उर लाये॥

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं॥

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा॥

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते॥

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा॥

तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना।
लंकेश्वर भए सब जग जाना॥

जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं॥

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे॥

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डरना॥

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हाँक ते काँपै॥

भूत पिशाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै॥

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा॥

संकट ते हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा॥

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोई अमित जीवन फल पावै॥

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा॥

साधु सन्त के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे॥

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता॥

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा॥

तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम जनम के दुख बिसरावै॥

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई॥

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई॥

संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

जय जय जय हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरु देव की नाईं॥

जो शत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई॥

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा॥

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा॥


दोहा (समापन)

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥


हनुमान चालीसा पाठ करने के फायदे

  1. भय और नकारात्मकता दूर होती है।

  2. मानसिक शांति और आत्मविश्वास मिलता है।

  3. रोग-शोक एवं दुखों से मुक्ति मिलती है।

  4. घर और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

  5. बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है।

  6. संकट के समय हनुमानजी सहारा बनते हैं।

हनुमान चालीसा

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1: हनुमान चालीसा कब पढ़ना चाहिए?
👉 मंगलवार और शनिवार को सुबह-शाम पाठ करना शुभ माना जाता है।

Q2: क्या रोज़ हनुमान चालीसा पढ़ सकते हैं?
👉 हाँ, इसे रोज़ पढ़ने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।

Q3: हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?
👉 कम से कम एक बार, और अगर समय हो तो 7 बार या 11 बार पाठ करना श्रेष्ठ माना जाता है।

Q4: क्या हनुमान चालीसा पढ़ने से डर दूर होता है?
👉 जी हाँ, मान्यता है कि यह भय और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।

निष्कर्ष

हनुमान चालीसा न सिर्फ एक स्तुति है, बल्कि यह शक्ति, भक्ति और सकारात्मकता का अद्भुत मंत्र है। यदि आप इसे श्रद्धा और विश्वास के साथ पढ़ते हैं तो जीवन की हर कठिनाई सरल हो जाती है

🙏 जय बजरंगबली! 🙏

Team Mobile360News brings you the latest on mobiles, cars, technology, and government jobs with accurate, SEO-friendly, and easy-to-read updates. Stay tuned to Mobile360News.com for fresh daily news.

Leave a Comment